Saturday, November 5, 2022

तेरी हसीं ज़ुल्फ़ों का मैं दीवाना हूँ, (AmBrIsH cHaNdRa BhArAt)

तेरी हसीं ज़ुल्फ़ों का मैं दीवाना हूँ,



तेरी हसीं ज़ुल्फ़ों का मैं दीवाना हूँ,
तेरे ख्वाबों में जीता -
बेहतरीन अफसाना हूँ |

तेरी अदाओं के तीर -
जो चले मुझपर,
दुनिया से मैं-
बेखबर, बेगाना हूँ |

जानता था पहले मैं,
शहर भर को-
अबतो खुद से ही,
अंजाना हूँ |

तेरी हसीं ज़ुल्फ़ों का मैं दीवाना हूँ |

हाय ! की जबसे देखी है-
तेरी नज़र,
ये दिल को करे बेचैन-
मुझपर ढाये कहर |

अदाएं हैं तेरी-
कि जीने न दे,
लगा मुझको सीने से -
या लगूँ मौत के गले मैं-
खाकर ज़हर |

तेरी खातिर बन गया आवारा हूँ,
तेरी हसीं ज़ुल्फ़ों का मैं दीवाना हूँ |




अम्बरीष चन्द्र 'भारत'

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