मैं आँखे बंद करलूँ ,
तुम ज़रा सा पास आना-
छूना ना सही,
सांसों को मुझपर तुम लाहरना,
नीरस हूँ मैं,
मुझको ज़रा साँसों से महकाना
मैं आँखे बंद करलूँ
तुम ज़रा सा पास आना |
जिंदगी जीना तो सब चाहते हैं, पर सच्चे दोस्तों सब नहीं पाते है।। कि जिऩ्दगी हम शान से जीते है...
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