मुझे कल से कुछ उम्मीद नहीं,
आज खुलकर हंस रहा हूं यारों -
इस पल के ठहरने की कोई उम्मीद नहीं।।
आज मैं हूं तो कल कोई और आएगा -
सो रहें हैं वो लोग जो रोकर उम्र गुजार रहे,
आज मैं सचेत करने में लगा हूं -
कल कोई और तुम्हें जगाएगा ।।
तेरे नैनों की कटारी दिल पर मेरे यूं चली हर जगह बस तू दिखे, ऐसी खुमारी है चढ़ी। तेरे नैनों की कटारी दिल पर मेरे यूं चली, हर जगह बस तू दिख...
No comments:
Post a Comment