दिलकश धोखा
ये खूबसूरत ज़ुल्फ़ें-
ये हवा का झोंका,
ए दिल -
संभल के रहना ज़रा,
हुस्न लेकर आया है-
महफ़िल में दिलकश धोखा |
तू.. फिर किसी काबिल न रह पायेगा-
रोक ले कदम ए दिल,
अब भी वक़्त है-
जो गया उसकी गली,
तो बाद में पछतायेगा |
अम्बरीष चन्द्र 'भारत'
तेरे नैनों की कटारी दिल पर मेरे यूं चली हर जगह बस तू दिखे, ऐसी खुमारी है चढ़ी। तेरे नैनों की कटारी दिल पर मेरे यूं चली, हर जगह बस तू दिख...
Wah Wah....👌❤️
ReplyDeleteThank you sooooo much
DeleteSundar line
DeleteNice 👍
ReplyDeletethank you ji
ReplyDeleteWaah kya baat hai
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